एपेक्स पब्लिक स्कूल में “राष्ट्रभक्ति के त्रिवेणी रंगों” की अनुपम झलक, श्रद्धा व उल्लास के साथ हुआ माँ सरस्वती पूजा का आयोजन

चितरपुर प्रखंड के मारंग मरचा स्थित एपेक्स पब्लिक स्कूल परिसर में शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा पूरे आस्था, श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ अत्यंत भव्य रूप से संपन्न हुई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को विशेष रूप से सजाया गया, जहाँ “राष्ट्रभक्ति के त्रिवेणी रंगों” (केसरिया, श्वेत एवं हरा) की थीम पर निर्मित आकर्षक पंडाल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
पंडाल निर्माण के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और वीर शहीदों के त्याग व बलिदान को दर्शाया गया। तिरंगे के रंगों में सजे पंडाल ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया। यह पंडाल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि देशभक्ति की प्रेरणा का भी प्रतीक रहा।

बसंत पंचमी, जो माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है, वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह पर्व ज्ञान, विद्या, संगीत, कला एवं शिक्षा की देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए विद्यालय में इस पर्व का आयोजन किया गया।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रण भेजा गया। विद्यालय परिवार द्वारा सभी से अनुरोध किया गया कि वे माँ सरस्वती के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। बड़ी संख्या में अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित होकर पूजा में सहभागी बने।
माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना आचार्य अभय चक्रवर्ती द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराई गई। मंत्रोच्चार के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। हवन एवं आरती के दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालु माँ शारदे की भक्ति में लीन दिखाई दिए।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा मधुर वाद्य संगीत की प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण संगीतमय हो उठा। वहीं छात्रों ने माँ सरस्वती के मधुर भजनों का गायन कर सभी उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम के अंत में समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने माँ सरस्वती से सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम शिक्षा, सद्बुद्धि एवं सफलता की कामना की। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में संस्कार, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास करते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर श्रद्धा, अनुशासन और उल्लास से परिपूर्ण रहा, और बसंत पंचमी का यह पर्व सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया।

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